पंजाब में एस्मा लागू, कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक

चंडीगढ़, 31 अगस्त । पंजाब में डीसी दफ्तरों में तैनात कर्मचारियों की एक सितंबर से शुरू होने वाली हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार से प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके कर्मचारियों को गंभीर चेतावनी दी थी।

एक सितंबर से हड़ताल का ऐलान करने वालों में पटवारी-कानूनगो समेत रेवेन्यू विभाग और 13 सितंबर से कलमछोड़ हड़ताल की घोषणा करने वाले डीसी दफ्तर के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की चेतावनी के बावजूद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान नहीं किया। जिसके बाद बुधवार रात 12 बजे के बाद से सरकार ने बाढ़ का हवाला देते हुए ईस्ट पंजाब एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट 1947 के सेक्शन 4 के सब सेक्शन वन के तहत एस्मा लागू करने के आदेश जारी कर दिए।

आदेश के अनुसार कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकता है। आदेश 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि पंजाब के रणजीत सागर बांध, भाखड़ा बांध और पौंग बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। राज्य में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। ऐसे में राजस्व विभाग में काम करने वाले पटवारियों, कानूनगो और डीसी दफ्तरों के स्टाफ की ड्यूटी 24 घंटे है। सरकार के अनुसार, इन विभागों के कर्मचारियों की जरूरत बाढ़ के हालात में हर समय है। इसलिए राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों, कानूनगो और डिप्टी कमिश्नर के दफ्तरों में तैनात स्टाफ को अपना स्टेशन छोड़ने की मनाही रहेगी। वह हर समय अपने दफ्तर में मौजूद रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें ड्यूटी पर हाजिर होना पड़ेगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारियों के प्रति सख्त रवैया अपना लिया है। बुधवार को उन्होंने पहले सीधी चेतावनी दी थी कि कलमछोड़ हड़ताल करो लेकिन कलम बाद में देनी है या नहीं यह सरकार तय करेगी। बहुत पढ़े-लिखे बेरोजगार कलम थामने के लिए बैठे हैं।