भिवानी में सडक़ों पर उतरे तीन जिलों के पूर्व सैनिक

भिवानी, 30 अप्रैल । पिछले लंबे समय से विभिन्न मांगों के लिए संघर्षरत्त पूर्व सैनिकों को नजरअंदाज कर रही केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ रविवार को पूर्व सैनिकों का गुस्सा फूटा तथा उन्होंने देश भर सांसदों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी कड़ी में भिवानी, चरखी दादरी व महेंद्रगढ़ तीन जिलों के पूर्व सैनिक एकत्रित हुए स्थानीय नेहरू पार्क से रोष प्रदर्शन शुरू करते हुए सांसद धर्मबीर सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंप लंबित मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाई।

ज्ञापन के माध्यम से पूर्व सैनिकों ने वन रैंक-वन पेंशन में वेतन विसंगति दूर किए जाने, एक समान मिलट्री सर्विस पे दिए जाने, 2017 के बाद आए प्री-मैच्योर पेंशनर को ओआरओपी में शामिल करने, एक समान डिसेबिलिटी पेंशन, एक समान विधवा पेंशन, रिजर्व भेजे गए जवानों को ओआरओपी में शामिल करने, जेसीओ और ऑनरेरी रैंक को ओआरओपी का लाभ दिए जाने की मांग की। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सुबेदार मेजर सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि एक सैनिक अपने परिवार तक से दूर होकर देश सेवा व रक्षा में अहम भूमिका निभाता है। जिसके बाद जब उसका कार्यकाल समाप्त हो जाता है तो उसका एकमात्र सहारा पेंशन ही होता है, जिसे भी केंद्र सरकार डकारना चाहती है। जिंस मंशा को पूर्व सैनिक पूरा नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत्त है, लेकिन केंद्र सरकार उनकी सुनवाई करने की बजाए उन्हें कमजोर समझते हुए उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कौशिक ने कहा कि आज देश भर में सांसदों के माध्यम से मांग सरकार तक पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही कहा कि मांग जल्द पूरी ना होने पर वे दिल्ली कूच कर संसद का घेराव तक भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार 2014 में किए गए वायदे को पूरा करे नहीं तो 2024 के चुनावों में ख़ामियाज़ा भुगतना होगा।