नया साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण: जॉर्जीवा

नया साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण: जॉर्जीवा

नई दिल्ली, 02 जनवरी । नये साल के आगमन के साथ ही मंदी की आहट तेज हो गई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह वर्ष और ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालीना जॉर्जीवा ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही है।

आईएमएफ प्रमुख ने देर रात एक कार्यक्रम में कहा कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। जॉर्जीवा ने अपने संबोधन में चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका, यूरोपियन यूनियन (ईयू) और चीन के लिए यह साल बहुत मुश्किल वाला रहने वाला है।

जॉर्जीवा ने कहा कि यूक्रेन जंग, महंगाई, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से नया साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किलों से भरा रह सकता है। आईएमएफ प्रमुख के मुताबिक सबसे बुरा हाल चीन का होगा। कोरोना ने वहां की फैक्टरियों में भी दस्तक दे दी है। इसका उत्पादन पर असर पड़ा है। इससे पूरी दुनिया के प्रभावित होने की आशंका है।

आईएमएफ वर्ष 2023 के लिए वैश्विक विकास के अनुमानों में पहले ही कटौती की थी। दरअसल, यह स्थिति रूस-यूक्रेन युद्ध, बढ़ती महंगाई और इस पर काबू पाने के लिए यूएस फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण पैदा हुई है। गौरतलब है कि आईएमएफ एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसके 190 सदस्य देश हैं। इस संस्था का काम दुनिया की अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना है।